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अथ षोडशमातृका पूजनं

हाथ में पुष्प लेकर षोडशमातृका का ध्यान करें:-
गौरी पद्मा शची मेघा सावित्री विजया जया।
देवसेना स्वधा स्वाहा मातरो लोक मातर:॥
धृति: पुष्टि: तथा तुष्टि: आत्मन: कुलदेवता:।
गणेशेन अधिके हि एता वृद्धौ पूज्या:तु षोडश॥
हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए षोडशमातृका पर पुष्प एवं ताम्बूल समर्पित करें ।
॥ इति षोडशमातृका पूजनं ॥

अथ सप्तघृतमातृका पूजनं

हाथ जोड़कर दिये हुए मंत्र को उच्चरित करते हुए सप्तघृतमातृका पर पुष्प एवं ताम्बूल अर्पित करें ।
श्री लक्ष्मी: धृति: मेघा स्वाहा प्रज्ञा सरस्वती॥
माङ्गल्येषु प्रपूज्यन्ते सप्तैता घृतमामर: ॥

अथ नवग्रह पूजनं

हाथ मे पुष्प लेकर दिये हुए मंत्र को उच्चरित करते हुए नवग्रह पर पुष्प एवं ताम्बूल अर्पित करें ।
ब्रह्मामुरारि: त्रिपुरान्त कारी
भानु: शशी भूमिसूतो बुधश्च।
गुरू:च शुक्र: शनिराहुकेतव:
सवें ग्रहा: शान्तिकरा भवन्तु॥

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