सभी व्रत कथायें | All Vrat Katha in English

• हिंदी मास के अनुसार हर मास में अमावस्या आती है । लेकिन जब किसी भी माह में सोमवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ती है तो उसे, सोमवती अमावस्या कहते हैं। इस वर्ष सोमवती अमावस्या का व्रत २१ अगस्त एवं १८ दिसम्बर २०१७ को है। सोमवती अमावस्या व्रत √

✅ हरतालिका तीज व्रत विधि एवं कथा - Hartalika Teej Vrat Vidhi and Katha हरतालिका तीज का व्रत २४ अगस्त वीरवार २०१७ (Thursday , 24 August) Next ⇒.

• भाद्र मास के कृष्ण पक्ष षष्ठी को हरछठ व्रत मनाया जाता है । इस व्रत को हलषष्ठी (Hal Shashti), हलछठ (hal chhath), हरछठ व्रत (Har chhath), चंदन छठ (chandan chhath), तिनछठी (Tin chhathi, तिन्नी छठ (Tinni chhath), ललही छठ (Lalhi chhath) भी कहा जाता है। यह व्रत स्त्रियाँ अपने संतान की दीर्घ आयु के लिये करती है। इस दिन हलषष्ठी माता की पूजा की जाती है। हलषष्ठी व्रत कथा √

• अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान श्री हरि की पूजा की जाती है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी का व्रत ५ सितम्बर २०१७ (मंगलवार (5th September 2017 Tuesday) को है। यह व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। अनंत चतुर्दशी व्रत √

• करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत ८ अक्टूबर २०१७ (रविवार)
(8th October 2017 Sunday) को है। यह व्रत सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की लम्बी उम्र के लिये करती हैं। करवा चौथ व्रत √

• यह व्रत माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष सकट चौथ ०५ जनवरी २०१८ (शुक्रवार) को है। सकट चौथ √

• फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी १४ फरवरी,२०१७ को है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी विघ्न बाधायें दूर होती है। यदि संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़े तो यह अति शुभकारक मानी गयी है। मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी को “अंगारकी चतुर्थी” कहते हैं। गणेश अंगारकी चतुर्थी का व्रत करने से पूरे साल भर के चतुर्थी व्रत के करने का फल प्राप्त होता है।

• माघ मास के कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि की रात्रि को शिवरात्रि कहते हैं। वर्ष २०१८ में शिवरात्रि १३ फरवरी (मंगलवार) को है। शिवरात्रि को पृथ्वी पर जितने भी शिवलिंग स्थित हैं, उन सब में शिव जी का वास होता है।

• चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को पजूनो-पूनो भी कहते हैं। इस वर्ष यह पूजा ११ अप्रैल, २०१७ (मंगलवार) को है। इस तिथि में व्रत नहीं किया जाता, केवल पजन कुमार का पूजन होता है। पजूनो-पूनो पूजन √

• वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि अक्षय तृतीया कहलाती है। इस वर्ष अक्षय तृतीया २८ अप्रैल, २०१७ (शुक्रवार) को है। अक्षय तृतीया √

• परशुराम जयंती – परशुराम जयंती २८ अप्रैल,२०१७( शुक्रवार) को है। परशुराम जयंती √

• वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नृसिंह जयन्ती मनायी जाती है। इस वर्ष नृसिंह जयन्ती ९ मई, २०१७ (मंगलवार) को है। इसी तिथि को भगवान विष्णु, नृसिंह अवतार के रूप में प्रकट हुये थे, और हिरण्यकश्यप का वध किया था। नृसिंह जयन्ती √

• संकटा माता का व्रत शुक्रवार को करना चाहिये। यह व्रत किसी भी शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से शुरू कर सकते हैं। यह व्रत कोई भी श्रद्धालु कर सकते हैं। संकटा माता व्रत विधि एवं कथा √

• जब तक हमारे जीवन में आशा है तब तक हमारी सभी इच्छायें पूरी होती है। आसामाई की प्रसन्नता से हमारे सभी काम पूरे होते हैं। अत: हमें हमेशा आसामाई को प्रसन्न रखना चाहिये एवं उनका साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिये। यह व्रत स्त्रियों के लिये हैं आस माता पूजा विधि एवं कथा √

• चैत्र कृष्ण पक्ष के अष्टमी तिथि को शीतलाष्टमी मनाया जाता है। इसे बसौड़ा, लसौड़ा या बसियौरा भी कहते हैं। इस तिथि को शीतला माता की पूजा की जाती है। शीतला माता √

• मनुष्य या किसी भी वस्तु की स्थिति का परिवर्तन अलौकिक शक्ति के द्वारा होता है। उस अलौकिक शक्ति का नाम है दशारानी । मनुष्य की दशा अनुकूल होने पर उसका चारों ओर से कल्याण होता है। जबकि यदि दशा प्रतिकूल हो तो अच्छ काम भी बुरा प्रभाव देने लगते हैं । इसीलिये दशारानी माता की पूजा की जाती है और उनके नाम के गँडे लिये जाते हैं । दशा माता की अनुकूलता के लिये दशारानी का व्रत और पूजन किया जाता है। दशा माता व्रत विधि एवं कथा √

• ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष चतुर्थी को “आखू (मूषक)” रथा गणेश जी के स्वरूप की पूजा करने का विधान है। यह व्रत इस वर्ष १४ मई, २०१७ (रविवार) [14 May 2017 Sunday] को है । संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि एवं कथा √

• ज्येष्ठ मास के कृ्ष्ण पक्ष की एकादशी अपरा या अचला एकादशी कहलाती हैं। यह व्रत इस वर्ष, २०१७ में २२ मई (सोमवार) (22 May -Monday- 2017) को है। इस एकदशी व्रत के करने से दूसरों की निंदा, भूत योनि और ब्रह्म-हत्या आदि पापों से मुक्ति मिल जाती है। अपरा एकादशी व्रत विधि एवं कथा √

• यह व्रत हिंदु तिथि के अनुसार तेरहवें दिन यानी त्रयोदशी को होता है। त्रयोदशी अथवा प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार आता है- एक शुक्ल पक्ष और दूसरा कृष्ण पक्ष । मंगल प्रदोष / भौम प्रदोष व्रत √

• ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सावित्री का व्रत किया जाता है। इस वर्ष वट सावित्री का व्रत २५ मई २०१७ गुरुवार (25th may 2017 Thursday) को है। जो भी स्त्री इस व्रत को करती है उसका सुहाग अमर हो जाता है। वट सावित्री व्रत √

4. आषाढ़ कृष्ण पक्ष : आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्थी के गणेश जी का नाम “लम्बोदर” है। इस तिथि को पूजन करन के पश्चात राजा महिजित की कथा सुने अथवा सुनाये। व्रत के बाद ब्राह्मणों को वस्त्र दान करें तथा भोजन करायें। इस वर्ष आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्थी १३ जून,२०१७ (मंगलवार) को है । मंगलवार दिन होने के कारण यह अंगारकी चतुर्थी भी कही जायेगी।