वैभव लक्ष्मी कथा क्रमश:...

इस तरह शास्त्रीय विधि से शीला ने श्रद्धा से व्रत किया और तुरन्त ही उसे फल मिला। उसका पति सही रास्ते पर चलने लगा और अच्छा आदमी बन गया तथा कड़ी मेहनत से व्यवसाय करने लगा। धीरे धीरे समय परिवर्तित हुआ और उसने शीला के गिरवी रखे गहने छुड़ा लिए। घर में धन की बाढ़ सी आ गई। घर में पहले जैसी सुख-शांति छा गई।
वैभवलक्ष्मी व्रत का प्रभाव देखकर मोहल्ले की दूसरी स्त्रियाँ भी शास्त्रीय विधि से वैभवलक्ष्मी का व्रत करने लगीं। हे माँ धनलक्ष्मी! आप जैसे शीला पर प्रसन्न हुईं, उसी तरह आपका व्रत करने वाले सब पर प्रसन्न होना। सबको सुख-शांति देना। जय धनलक्ष्मी माँ! जय वैभवलक्ष्मी माँ!

Vaibhav Laxmi continue..

Like this, Sheela finished her vrat ritually and get result immediately. her husband return back to right path and became gentle. he again started to work hard.Gradually her situation get changed and she get back her jwellery. Her house filled with enormous money.Her house again filled with peace.
Other women of that mohall’s will also start to keep vrat of Vaibhav Laxmi to saw the effect of this vrat.O Maa! Kindly keep your blessing to all like Sheela.Give happiness and peace to all.Jay Dhan Laxmi Maa! Jay Vaibhav Laxmi Maa!