वैभव लक्ष्मी कथा क्रमश:..

अब तुम्हारे सुख के दिन अवश्य आयेंगे। तू तो माँ लक्ष्मी जी की भक्त है। माँ लक्ष्मी जी तो प्रेम और करुणा की अवतार हैं। वे अपने भक्तों पर हमेशा ममता रखती हैं। इसलिए तू धैर्य रख कर माँ लक्ष्मी जी का व्रत कर। इससे सब कुछ ठीक हो जायेगा।
‘माँ लक्ष्मी जी का व्रत’ करने की बात सुनकर शीला के चेहरे पर चमक आ गई। उसने पूछा: ‘माँ! लक्ष्मी जी का व्रत कैसे किया जाता है, वह मुझे समझाइये। मैं यह व्रत अवश्य करूँगी।’
माँ जी ने कहा: ‘बेटी! माँ लक्ष्मी जी का व्रत बहुत सरल है। उसे ‘वरलक्ष्मी व्रत’ या ‘वैभवलक्ष्मी व्रत’ भी कहा जाता है। यह व्रत करने वाले की सब मनोकामना पूर्ण होती है। वह सुख-सम्पत्ति और यश प्राप्त करता है। ऐसा कहकर माँ जी ‘वैभवलक्ष्मी व्रत’ की विधि कहने लगी।

Vaibhav Laxmi Katha Continue..

Now, you will get your happiness. You are a devotee of Maa Laxmi. Aren’t you. Maa laxmi is an avatar of love and compassion. They always keep kindness to her devotees. Hence, You keep patience and do the vrat of Laxmi Jee.It will be all right.
Sheela’s face get lighten to heard about Maa Laxmi Ji’s Vrat. She asked- “How to do Maa Laxmi’s fast. Please tell me. I will definitely keep this fast. ” Maa Ji said- “Daughter! Maa Laxmi’s fast is very easy. It is also called “Var Laxmi” or “Vaibhavlaxmi Vrat”. ” This vrat fulfilled all the wishes of devotees. People get wealt and prosperity to keep this fast. Maa ji satarted to narrate the proccedure of “Vaibhavlaxmi Vrat”