वैभव लक्ष्मी कथा
वैभव लक्ष्मी स्तुति

नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोस्तु ते॥
अर्थ: श्रीपीठपर स्थित और देवताओं से पूजित होने वाली हे महामाये। तुम्हें नमस्कार है। हाथ में शङ्ख, चक्र और गदा धारण करने वाली हे महालक्ष्मी! तुम्हें प्रणाम है॥
नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि।
सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मी नमोस्तु ते॥
अर्थ: गरुडपर आरूढ हो कोलासुर को भय देने वाली और समस्त पापों को हरने वाली हे भगवति महालक्ष्मी! तुम्हें प्रणाम है॥
सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि।
सर्वदु:खहरे देवि महालक्ष्मी नमोस्तु ते॥
अर्थ: सब कुछ जानने वाली, सबको वर देने वाली, समस्त दुष्टों को भय देने वाली और सबके दु:खों को दूर करने वाली, हे देवि महालक्ष्मी! तुम्हें नमस्कार है॥

Vaibhav Laxmi Katha
Vaibhav Laxmi Stuti

Namastestu Mahaamaaye Sripeethe Surapujite,
Shankhachakragadaahaste Mahaalaxmi Namostu Te.
Meaning: established on Sripeeth and worshipped by gods O mahaamaye! Bow down.Who holding shankh,chakra and bludgeon in hand,O Mahalaxmi! Bow down you .
Namaste Garudaarudhe Kolaasurabhayankari
Sarvapaapahare Devi Mahaalaxmi Namostu Te.
Meaning: Give fear to Kolasur to ride on Garud and remover of all sins.Bow down you.
Sarvagye Sarvavarade Sarvadushtabhayankari
Sarvadukhahare Devi Mahaalaxmi Namostu Te.
Meaning: You know everything,blessed everyone,give far to all rascals and removed everyone’ sorrow. O Devi Mahalaxmi! Bow down you.