रम्भा तृतीया व्रत

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पंचाग्नि साधन- रम्भा तृतीया व्रत किया जाता है। यह व्रत इस वर्ष १६ जून, २०१८ (शनिवार) को है। जो कोई स्त्री-पुरुष इस रम्भाव्रत को करता है उसके कुल की वृद्धि होती है एवं उसे उत्तम संतान और सम्पत्ति प्राप्त होती है। स्त्रियों को अखण्ड सौभाग्य की तथा सम्पूर्ण गृहस्थ सुखकी प्राप्ति होती है और जीवन के अंत में उन्हें इच्छानुसार विष्णु एवं शिवलोककी प्राप्ति होती है । यह व्रत सुख और सौभाग्य वर्धक है।

पूजन सामग्री:-

महादेवी की मूर्ति
गंध
पुष्प
धूप
दीप
वस्त्र
नैवेद्य
सौभाग्यष्टक के लिये :-
जीरा
कडुहुंड
अपूप
फूल
पवित्र निष्पाप(सेम)
नमक
चीनी
गुड़

व्रत विधि:-