अक्षय तृतीया पूजन सामग्री:-(Akshaya Tritiya Pujan Samagri)

√ श्रीविष्णु भगवान और लक्ष्मी जी की मूर्ति या तस्वीर
√ चौकी या लकड़ी का पटरा
√ धूप
√ दीप
√ नैवेद्य (मिष्ठान एवं गन्ने के रस से बने हुये मिष्ठान, दूध से बने हुये खाद्य पदार्थ, दही, चावल, खीरा, ककड़ी, खरबूज, लड्डू, सत्तू इत्यादि)
√ घी
√ कपूर
√ अक्षत
√ लोटा (जल से भरा हुआ)
√ तुलसी दल
√ वस्त्र ( विष्णु जी और लक्ष्मी माता के लिये)
√ पुष्प
√ पुष्पमाला
√ सिंदूर
√ रोली
√ मौली

अक्षय तृतीया के दिन दान करने वाली वस्तुएँ:-

गन्ने के रस से बने हुये मिष्ठान, दूध से बने हुये खाद्य पदार्थ, दही, चावल, खीरा, ककड़ी, खरबूज, लड्डू, नमक, घी, पंखा, वस्त्र, जूता, सत्तू , जल से भरा हुआ घड़ा इत्यादि ब्राह्मणों को दान देना चाहिये।

अक्षय तृतीया पूजन विधि:-

अक्षय तृतीया को प्रात: काल उठ कर नित्य कर्म से निवृत हो जायें । यदि सम्भव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें अन्यथा घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। पूजा स्थल को स्वच्छ कर लें। सभी पूजन सामग्री के साथ आसन पर बैठ जायें। चौकी या लकड़ी के पटरे पर विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।

गणेश पूजन:-
सबसे पहले गणेश जी का पूजन पंचोपचार विधि से करें। चौकी के पास हीं किसी पात्र में गणेश जी के विग्रह को रखकर पूजन करें। यदि गणेश जी की मूर्ति उपलब्ध न हो तो सुपारी पर मौली लपेट कर गणेशजी बनायें।

Akshaya_Tritiya Puja

अब विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करें। धूप,दीप, पुष्प अर्पित करें। नैवेद्य के रूप में मिष्ठान के साथ जौ, गेहूँ के दाने, सत्तू, चने की दाल, अक्ष त इत्यादि अर्पित करें। साथ में तुलसी दल भी अर्पित करें। विष्णु भगवान के “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:” मंत्र का 108 बार जाप करें अथवा विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। अक्षय तृतीया की कथा एवं महात्म्य को सुने अथवा सुनायें। इसके बाद आरती करें। आरती के बाद प्रभु को आरती दें। तत्पश्चात सभी उपस्थित जन को आरती दें एवं स्वयं भी लें ।

दान:-
यह तिथि दान के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस तिथि को किया हुआ दान अक्षय होता है। इस तिथि को गन्ने के रस से बने हुये मिष्ठान,दूध से बने हुये खाद्य पदार्थ, दही, चावल, खीरा, ककड़ी, खरबूज, लड्डू , नमक, घी, पंखा,वस्त्र, जूता, सत्तू जल से भरा हुआ घड़ा इत्यादि ब्राह्मणों को दान देना चाहिये।

जल से भरा हुआ कलश दान करते हुये इस मंत्र को पढ़े:-

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