योगिनी एकादशी व्रत विधि एवं कथा - Yogini Ekadashi Vrat Vidhi and Katha in Hindi

आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी योगिनी एकादशी कहलाती हैं। यह व्रत इस वर्ष, २०१७ में २० जून (मंगलवार) [ 20 june (Tuesday) 2017 ] को है। इसके प्रभाव से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो स्वर्ग प्राप्त करता है।

योगिनी एकादशी व्रत महात्म्य:- (Importance of Yogini Ekadashi)

इस व्रत के पुण्य से मनुष्य के सभी प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। यह एकादशी मनुष्य को लोक तथा परलोक, दोनों लोक में मुक्ति दिलाता है।यह तीनों लोकों में प्रसिद्ध एकादशी व्रत है। इस व्रत के करने से अट्ठासी हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य प्राप्त होता है। ‘योगिनी’ महान पापों को शांत करनेवाली और महान पुण्य-फल देनेवाली है। इसके पढ़ने और सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है।”

योगिनी एकादशी व्रत पूजन सामग्री:- (Puja Saamagree for Yogini Ekadashi Vrat)

∗ श्री विष्णु जी की मूर्ति
∗ वस्त्र
∗ पुष्प
∗ पुष्पमाला
∗ नारियल
∗ सुपारी
∗ अन्य ऋतुफल
∗ धूप
∗ दीप
∗ घी
∗ पंचामृत (दूध(कच्चा दूध),दही,घी,शहद और शक्कर का मिश्रण)
∗ अक्षत
∗ तुलसी दल
∗ चंदन
∗ मिष्ठान

योगिनी एकादशी व्रत की विधि (Puja Method Of Yogini Ekadashi)

Yogini Ekadashi Vrat Vidhi