सुर्यादन षष्ठी व्रत विधि तथा महात्म्य

भगवान शंकर बोले -हे विपेन्द्र! श्रावणमास के शुक्ल पक्षमें यह षष्ठी तिथि को महामृत्यु का नाश करनेवाले सूर्योदन नामक शुभ व्रत को करना चाहिये। शिवालय में अथवा घर में ही प्रयत्नपूर्वक शिवका पूजन करके सूर्योदन का नैवेद्य उन्हें विधिपूर्वक अर्पण करना चाहिये। इस व्रत के साधन में आम्र का लवण मिलाकर शाक और अनेक पदार्थों के नैवेद्य अर्पण करे साथ ही ब्राह्मण को बायना प्रदान करें। जो इस विधि से व्रत करता है, उसे अनंत पुण्य होता है। अब इसकी कथा सुनो:-

सुर्यादन षष्ठी व्रत कथा