सन्तान सप्तमी व्रत | Santan Saptami Vrat
भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को संतान सप्तमी का व्रत करने का विधान है। इसे मुक्ताभरण व्रत भी कहते हैं।इस व्रत को कुक्कुट मर्कटी व्रत भी कहते हैं। इस व्रत के करने से दीर्घायु संतान की प्राप्ति होती है। यह व्रत करने वाला सभी सुख भोगकर अंत में शिव लोक को प्राप्त करता है। यह व्रत जन्म जन्मांतर के पाप से मोक्ष दिलाता है तथा खण्डित सन्तान पुत्र पौत्रादि की वृद्धि करता है।
पूजन सामग्री:-
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पूजा विधि:-
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