वरुणषष्ठी पुजा विधि एवं कथा । skanda sashti puja vidhi

माघ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी ‘वरुणषष्ठी’ कहलाती है। इस तिथि को रक्त चंदन, रक्त वस्त्र, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य द्वारा विष्णु-स्वरूप सनातन वरुण देवता की पूजा करनी चाहिये। इस प्रकार विधि पूर्वक पूजन करने से मनुष्य को वरुण देव की कृपा से मन के मुताबिक फल की प्राप्ति होती है। वरुणषष्ठी पुजा १० फरवरी (रविवार) २०१९ को है।