कार्तिक शुक्ला षष्ठी विधि एवं कथा । skanda sashti puja vidhi

कार्तिक शुक्ला षष्ठी को महात्मा षडानन (कार्तिकेय) ने सम्पूर्ण देवताओं द्वारा दी हुई महाभागा देवसेना को प्राप्त किया था। अत: इस तिथि को सम्पूर्ण मनोहर उपचारों द्वारा सुरश्रेष्ठा देवसेना और षडानन कार्तिकेय की पूजा करें। इससे मनुष्य को अपने मन के अनुकूल अनुपम सिद्धि की प्राप्ति होती है। इसी तिथि को अग्नि देव की पूजा भी की जाती है। पहले अग्निदेव की पूजा करके नाना प्रकार के द्रव्यों से होम करना चाहिये। कार्तिक शुक्ला षष्ठी १३ नवम्बर (मंगलवार) २०१८ को है।