आश्विन शुक्ला षष्ठी विधि एवं कथा । skanda sashti puja vidhi

आश्विन शुक्ला षष्ठी को गंध आदि मांगलिक द्र्व्यों और नाना प्रकार के नैवेद्यों से कात्यायनी देवी की पूजा की जाती है। बालू से माता कात्यायनी की प्रतिमा बनाकर उसमें माता की प्रतिष्ठा करें। उसके बाद विधि पूर्वक पूजा करके देवी से क्षमा-प्रार्थना करें और उन्हें प्रणाम करके उनका विसर्जन करें। कात्यायनी देवी की कृपा से कुंवारी कन्याओं को मन के अनुरूप वर की प्राप्ति होती है, और विवाहित स्त्रियों को पुत्र की प्राप्ति होती है। १४ अक्टूबर (रविवार) २०१८ को है।