वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ |
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ||

हिंदु धर्म के अनुसार संसार में लगभग ३३ कोटि देवी देवता हैं और सभी देवी देवताओं की पूजा का प्रचलन है । इसी प्रचलन के अनुसार यहाँ अलग अलग महीनो में अलग अलग त्यौहार मनाये जाते हैं । दीवाली उन्ही त्योहारों में से एक है । यह हर प्रान्त, राज्य और विदेशों में मनाया जाने वाला हिन्दुओं का त्यौहार है ।
"दीवाली" संस्कृत के शब्द "दीपावली" से लिया गया है जिसका अर्थ है "दिए की श्रृंखला" । दीपावली यानि दीपों का त्यौहार । यह पूरे पांच दिनों का त्यौहार है, जो की धनतेरस से शुरू हो कर भाई दूज तक मनाया जाता हैं ।

1. धनतेरस- कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष त्रोयदशी तिथि ।
2. नरक चतुर्दशी- कार्तिक मास कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि ।
3. दीवाली -अमावस्या को मनाया जाता है ।
4. दिवाली पूजन विधि - विधि विधान से ।
5. भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष के द्वितीय तिथि ।
6. श्री वैभव लक्ष्मी । विस्तार से ।

दीपावली मनाने के पीछे कई सारे पौराणिक कथाएं प्रचलित है:-

1. राम का अयोध्या लौटना:-
diwali

2. लक्ष्मी माता के जन्म और विवाह के उपलक्ष्य में :-

ganesh laxmi pujan

माता श्री लक्ष्मी जी की कहानी:-

laxmi pujan

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 .

 
 
 
 

© 2016 Ganeshlaxhmi.in. All rights reserved |